अतुल ठाकुर
द गुड, द बॅड ऍंड द अग्ली – ब्लांडी – द गुड
हाय शरमाऊं किस किस को बताऊं…
अविस्मरणीय गाणी, विस्मृत चेहरे – तुम कितनी खुबसूरत हो, ये मेरे दिल से पूछो…
प्यार का बंधन टुटे ना…
दिल जो न कह सका, वोही राज ए दिल…
फिर आने लगा लगा याद वोही प्यार का आलम…